कबीरदास जी का सखियां NCERT Class 9
कबीरदास का जीवन परिचय सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि एक गहरी प्रेरणा है जो आज भी हमें सही रास्ता दिखाता है। ✨ कबीरदास जी का जीवन परिचय कबीरदास जी का जन्म लगभग 15वीं शताब्दी में वाराणसी में माना जाता है। उन्हें एक जुलाहा (बुनकर) परिवार ने पाला, जिनका नाम नीरू और नीमा था। वे पढ़े-लिखे नहीं थे, लेकिन उनके विचार इतने गहरे थे कि आज भी लोग उनसे सीखते हैं। कबीरदास जी रामानंद के शिष्य माने जाते हैं। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों, अंधविश्वास और पाखंड का खुलकर विरोध किया। उन्होंने अपने दोहों के माध्यम से सिखाया कि भगवान मंदिर-मस्जिद में नहीं, बल्कि हमारे अंदर बसते हैं। 🌱 कबीरदास जी से मिलने वाली प्रेरणा 1. सच्चाई सबसे बड़ी ताकत है कबीरदास जी ने हमेशा सच का साथ दिया, चाहे लोग उनके खिलाफ ही क्यों न हो जाएं। 👉 सीख: जीवन में सच्चाई से कभी पीछे मत हटो। 2. खुद को पहचानो उन्होंने कहा – “बुरा जो देखन मैं चला…” 👉 सीख: दूसरों में कमी ढूंढने से पहले खुद को सुधारो। 3. मेहनत और सरलता ही सफलता है एक साधारण बुनकर होकर भी उन्होंने महानता हासिल की। 👉 सीख: बड़ा बनने के लिए बड़े साधन नहीं, बड़े विचार...